Wednesday, July 28, 2021
दस्तख़त | लेखक : रीतेय सुबह का समय था। गोपाल बाबू रोज की तरह तैयार हो रहे थे ताकि सुबह की साढ़े सात वाली ट्रेन पकड़ सके। ऑफ़िस क़रीब ३ घंटे की...
फैशन मैगज़ीन | यशलीन (कहानीवाली) आज कक्षा - 9 की लड़कियों में अलग कानाफुसी चल रही थी। डॉक्टर साहब की बेटी स्वाती आज मम्मी की अलमारी से फैशन मैगज़ीन जो निकाल स्कूल ले...
भूख बनाम इश्तिहार वो खूबसूरत थीकिसी रंगीन पत्रिका की तरहपर उसकी आँखों में एक भूख थीभूख, जो खूबसूरती के बावजूददेह को हाथ फैलाने पर मजबूर कर दें

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